रेल मार्ग से माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली मंडल ने संचय माला हाईब्रिड एक्सप्रेस नाम से विशेष मालगाड़ी का संचालन शुरू किया है। मंडल से इस तरह की दूसरी विशेष मालगाड़ी दक्षिण भारत के लिए रवाना की गई है। इससे इस्पात के उत्पाद व अनाज भेजे गए हैं। उत्तर रेलवे से पहली बार मालगाड़ी के जरिए इस्पात के उत्पाद कहीं भेजे गए हैं। इस विशेष मालगाड़ी में अलग-अलग प्रकृति के सामान एक साथ भेजने की सुविधा है। इस तरह से एक मालगाड़ी में एक ही प्रकार के सामान भेजने की बाध्यता खत्म होने से छोटे व्यापारियों को दूसरी जगह सामान भेजने में आसानी होगी। परंपरागत मालगाड़ी में एक ही तरह के वैगन लगाए जाते हैं। सभी वैगन में एक ही तरह का सामान लादा जाता है।
यानी अन्नाज, कोयला, सीमेंट, सीमेंट, खाद, उपकऱण, वाहन आदि के लिए अलग-अलग मालगाड़ी चलाई जाती है, जिससे छोटे व्यापारियों को परेशानी होती थी। विशेष मालगाड़ी में विभिन्न प्रकार के वैगन (मालगाड़ी का डब्बा) लगाए जाते हैं। बारिश से खराब होने वाले सामान जैसे अन्नाज, सीमेंट आदि की ढुलाई के लिए चारो तरफ से बंद वैगन का इस्तेमाल किया जाता है।
कोयला व अन्य खनिज पदार्थ ढोने के लिए ऊपर से खुला हुआ और वाहन, बड़े उपकरण आदि के लिए तीन तरफ से खुला हुआ वैगन प्रयोग में लाया जाता है। इन तीनों प्रकार के वैगन को एक ही मालगाड़ी में लगाकर संचय माला हाईब्रिड एक्सप्रेस बनाया गया है।

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