16 मई तक बेरोजगारी दर 14.45 प्रतिशत थी। जबकि 14 मार्च को ये आंकड़ा 6.63 प्रतिशत था। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी स्थिति समान रूप से दयनीय है।
गंभीर स्थिति का एक और संकेत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में पाया जा सकता है। जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत प्रदान किए गए काम में भारी वृद्धि हुई है। मनरेगा के तहत प्रदान की जाने वाली मजदूरी कम है और भुगतान में अक्सर देरी होती है। जिसके चलते मजदूर इसे कम ही प्राथमिकता देते हैं।
गंभीर स्थिति का एक और संकेत ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में पाया जा सकता है। जिसमें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी के तहत प्रदान किए गए काम में भारी वृद्धि हुई है। मनरेगा के तहत प्रदान की जाने वाली मजदूरी कम है और भुगतान में अक्सर देरी होती है। जिसके चलते मजदूर इसे कम ही प्राथमिकता देते हैं।


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